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राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह का रिश्ता कोर्ट की दहलीज पर, इस दिन आएगा फैसला

Uttar Pradesh News: प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) और उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह की तलाक के केस पर सुनवाई हुई. दिल्ली के साकेत कोर्ट में राजा भैया और भानवी कुमारी के तलाक केस पर सुनवाई हुई. वहीं कोर्ट, अब इस मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को […]
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Uttar Pradesh News: प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) और उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह की तलाक के केस पर सुनवाई हुई. दिल्ली के साकेत कोर्ट में राजा भैया और भानवी कुमारी के तलाक केस पर सुनवाई हुई. वहीं कोर्ट, अब इस मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को करेगा. पहले इस मामले की सुनवाई 10 अप्रैल होनी थी, लेकिन किसी कारण के चलते सुनवाई नहीं हो पाई थी. अब आज यानी 23 मई को इस मामले पर सुनवाई हुई.

रिश्ता अब कोर्ट की दहलीज पर

बता दें कि जनसत्ता दल प्रमुख राजा भैया ने पत्नी भानवी कुमारी से तलाक लेने के लिए दिल्ली साकेत कोर्ट में अर्जी लगाई थी. राजा भैया ने अपनी पत्नी भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ दिल्ली के पारिवारिक न्यायालय में केस दायर किया है. राजा भैया और भानवी कुमारी की शादी 1995 में हुई थी. दोनों के 2 पुत्र व 2 पुत्रियां हैं. साकेत कोर्ट ने भानवी सिंह से 25 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा. दरअसल, तलाक की अर्जी राजा भैया की ओर से दाखिल की गई थी. इस पर कोर्ट की ओर से राजा भैया की पत्नी भानवी को नोटिस भेजा गया था.

गौरतलब है कि राजा भैया की भानवी सिंह के साथ शादी वर्ष 1995 में हुई थी. शादी के समय राजा भैया करीब 25 वर्ष के थे.  कुछ वर्षों से दोनों का रिश्ता बिगड़ना शुरू हो गया था. इस बीच, भानवी सिंह राजा भैया से अलग होकर अपने दिल्ली स्थित आवास पर रहने लगी थीं.

रिश्तों में आई कड़वाहट

गौरतबल है कि बीते फरवरी महीने में ही भानवी कुमारी सिंह ने दिल्ली क्राइम ब्रांच में राजा भैया के मुंह बोले भाई गोपाल जी पर धोखाधड़ी की एक एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर के बाद पति पत्नी के बीच रिश्तो में दूरी सामने आ गई थी. जिस पर राजा भैया ने यूपीतक से बातचीत में कहा था कि, ‘मैं अपने भाई का साथ दूंगा, यह घर घर की कहानी है.’ बीते नवंबर महीने में रघुराज प्रताप सिंह की तरफ से दिल्ली की पारिवारिक न्यायालय में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिस पर 25 जुलाई 2023 को दिल्ली के पारिवारिक न्यायालय में फैसला आ सकता है.

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