यूपी की इन 16 सीटों पर करीबी मुकाबला, इस सर्वे में जानिए कितने पर जीत रही सपा-कांग्रेस

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Uttar Pradesh News : लोकसभा चुनाव में इस बार उत्तर प्रदेश 16 सीटों में फ्लोटिंग वोटर अहम भूमिका निभा सकते हैं. किसी भी प्रत्याशी की हार को जीत में बदलने में फ्लोटिंग वोटर की अहम भूमिका रहती है. पहले चरण के मतदान से पहले उत्तर प्रदेश के सभी सीटों का सर्वे सामने आया है. इस  सर्वे के मुताबिक बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर रही हो, लेकिन मिशन-80 का टारगेट पूरा होता नहीं दिख रहा. बीजेपी को पश्चिमी यूपी में भले ही कोई चुनौती न हो, लेकिन पूर्वांचल उसके लिए टेंशन बना हुआ है. साथ ही साथ फ्लोटिंग वोटर कई सीटों पर सपा-कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की किस्मत बदल सकते हैं. 

सामने आया लेटेस्ट सर्वे

एबीपी सी वोटर के सर्वे में उत्तर प्रेदश की सभी 80 के ओपिनियन पोल में बड़ा दावा किया गया है. सर्वे में दावा किया गया है कि इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 73 सीटें मिल सकती हैं. वहीं बीजेपी के सहयोगी पार्टीयों को चार सीट मिलता दिखाई दे रहा है. वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन  7 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है. वहीं वोट शेयर की बात करें तो NDA को 51 प्रतिशत तो वहीं इंडिया गठबंधन को 38 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. वहीं बसपा को मात्र 4 प्रतिशत वोट मिल सकते है. वहीं बसपा एक सीट भी नहीं जीतती नहीं दिख रही है.

इन सीटों पर कांटे की टक्कर

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2024 के चुनाव में सभी 80 सीटें जीतने लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए जातीय आधार वाले छोटे-छोटे दलों से भी हाथ मिलाया. इसके बाद भी ओपिनियन पोल सर्वे के मुताबिक बीजेपी का मिशन-80 टारगेट पूरा होता नहीं दिख रहा. उत्तर प्रदेश में 16 सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला टक्कर का है. वहीं इन 16 में से 7 सीटें ऐसी हैं जहां कांटे का मुकाबला है. इस सात सीटों में एक फीसदी वोटों का स्विंग नतीजों को बदल सकता है. यानी चुनाव में एक फीसदी वोट इधर से उधर हुए तो जीत किसी भी उम्मीदवार की झोली में जा सकती है. जिस सात सीटों पर कांटे की टक्कर है उनमें - अमरोहा, धौरहरा, संभल, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, जौनपुर, मुजफ्फरनगर शामिल हैं. 

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यहां फ्लोटिंग वोटर बिगाड़ सकते हैं गेम 

वहीं सर्वे के मुताबिक बदायूं, इटावा, बाराबंकी, गाजीपुर, कन्नौज, नगीना, फूलपुर, रायबरेली और रामपुर जैसी सीटों पर भी मुकाबाल काफी कड़ा है. सर्वे की माने तो इन सीटों पर 3 फीसदी वोटों का स्विंग किसी भी उम्मीदवार को जीता सकता है. यानी चुनाव मे तीन फीसदी फोट इधर से उधर हुए तो जीतने वाला हार सकता है और हारने वाला जीत की खुशी मना सकता है. 

नोट - यहां दिए गए आंकड़ें सर्वे पर आधारित है, रिजल्ट आने के बाद असल आंकड़े इससे उलट हो सकते हैं.

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