जिस गोरखपुर दंगे को लेकर संसद में भावुक हुए थे योगी, उसका मुख्य आरोपी शमीम 16 साल बाद अरेस्ट

रवि गुप्ता

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Gorakhpur News: 2007 का साल गोरखपुर के लोगों को आज भी याद है. ये वो साल है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath News) को भी हमेशा याद रहेगा. इस साल मोहर्रम जुलूस में राजकुमार अग्रहरि नाम के युवक की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने गोरखपुर को दंगों की आग में झुलसा दिया. गोरखपुर में ऐसे भीषण दंगे हुए कि पूरा क्षेत्र हिल गया. इन दंगों में 16 सालों से फरार चल रहा दंगों का मुख्य आरोपी मोहम्‍मद शमीम पुलिस के हत्थे लग गया है. बता दें कि मोहम्‍मद शमीम पिछले 16 सालों से फरार चल रहा था. 

मोहम्‍मद शमीम ने ही राजकुमार अग्रहरि को पुलिस की गाड़ी से जबरन निकालकर उसकी चाकुओं और तलवार से हमला कर हत्या कर दी थी. बता दें कि इस घटना के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लोकसभा सदस्य थे. इसी मामले को लेकर योगी आदित्यनाथ ने धरना दिया था. मगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. इस दौरान योगी आदित्यनाथ 11 दिन जेल में रहे थे. बता दें कि यह वही मामला था जब योगी आदित्यनाथ लोकसभा में अपनी बात कहते हुए फफक-फफक कर रो पड़े थे.

गोरखपुर में साल 2007 में हुआ क्या था?

मिली जानकारी के मुताबिक, राजकुमार अग्रहरि नाम का युवक घटना के समय आमलेट के ठेले पर आमलेट खा रहा था. इसी दौरान वहां से मोहर्रम का जुलूस गुजर रहा था. मोहम्‍मद शमीम, उसके पिता शफीउल्‍लाह और उसके साथी जुलूस में मौजूद थे. 

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आमलेट के ठेले पर किसी बात को लेकर राजकुमार अग्रहरि से उसका विवाद हो गया. इसके बाद मोहम्मद शमीम और उसके साथियों ने एकजुट होकर राजकुमार को उसके धर्म को लेकर गालियां दी और उसपर तलवार और चाकुओं से हमला कर दिया. 

पुलिस की जीप से निकालकर फिर किया जानलेवा हमला

मौके पर पहुंची पुलिस ने राजकुमार को किसी तरह से छुड़ाया और उसे जीप में बैठाकर अस्पताल ले जाने लगी. मगर शमीम, उसके पिता और उसके साथियों की हिम्मत इतनी ज्यादा हो गई कि इन्होंने पुलिस की गाड़ी से राजकुमार को खींचकर बाहर निकाल लिया. इसके बाद सभी ने मिलकर राजकुमार की बेरहमी से हत्या कर डाली.

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गोरखपुर में फैल गया दंगा

बता दें कि राजकुमार अग्रहरि की हत्या के बाद गोरखपुर में दंगा भड़क गया था. पूरा एरिया भयंकर दंगों की चपेट में आ गया. पुलिस ने मृतक राजकुमार के पिता राजेंद्र अग्रहरि की तहरीर पर मोहम्मद शमीम, उसके पिता शफीउल्‍लाह और उसके साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 149, 298 के तहत केस दर्ज करवाया था.  

जब सदन में भावुक हुए योगी आदित्यनाथ

बता दें कि इस घटना के बाद उस समय के गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ धरने पर बैठे. उन्होंने जुलूस निकालने की ठानी. मगर पुलिस ने योगी आदित्यनाथ को ही गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया. करीब 11 दिन तक योगी जेल में रहे. फिर जब वह सदन गए तो अपनी बात कहते हुए वह फफक पड़े और उन्होंने रोते हुए अपना दर्द सदन के सामने बयां किया.

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क्या कहना है पुलिस का?

मोहम्‍मद शमीम को लेकर गोरखपुर कोतवाली सर्किल के सीओ अनुराग सिंह ने बताया, “गोरखपुर के कोतवाली थानाक्षेत्र में साल 2007 में राजकुमार अग्रहरि नाम के युवक की हत्‍या हो गई थी. उसमें मुकदमा लिखा गया था. इसमें दो आरोपियों को अरेस्‍ट कर जेल भेजा गया था. मोहम्‍मद शमीम को अगस्‍त 2007 में जमानत मिल गई थी. इसके बाद से ही वो फरार चल रह था. मोहम्‍मद शमीम और उसके पिता शफीकुल्‍लाह को साल 2012 में आजीवन कारावास की सजा हो गई थी. शफीउल्‍लाह पहले से ही जेल में है. 11 सितंबर को शमीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया.  ये पुलिस की बड़ी सफलता है. 16 साल बाद उसे गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पता चला है कि वह फरार होने के बाद चेन्‍नई चला गया था. वह यहां परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहा था.  पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उसे अरेस्‍ट कर लिया गया है.”

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