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बहराइच जिला पेश कर रहा अनोखी मिसाल! यहां DM-CDO-SDM सभी महिलाएं, जानिए

Bahraich News: वर्ष 2006 में एक फिल्म आई थी उमराव जान जिसका एक गाना बेहद पॉपुलर हुआ, “जो अब किए हो दाता ऐसा न कीजो….अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो.” इस गाने की लाइन ही ये बताने के लिए काफी है कि भारत में एक समय ऐसा भी रहा है जब महिला होना किसी अभिशाप […]

Bahraich News: वर्ष 2006 में एक फिल्म आई थी उमराव जान जिसका एक गाना बेहद पॉपुलर हुआ, “जो अब किए हो दाता ऐसा न कीजो….अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो.” इस गाने की लाइन ही ये बताने के लिए काफी है कि भारत में एक समय ऐसा भी रहा है जब महिला होना किसी अभिशाप से कम नहीं था. फिल्म उमराव जान के डायरेक्टर जेपी दत्ता को अब यूपी के बहराइच जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी फिल्म बनानी चाहिए जिसे देख कर बेटियां ये गीत अनायास ही गुनगुनाएंगी “जो अब किए हो दाता ऐसा ही कीजो अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो.”

सुनने वालों को ये बातें फिल्मी लगना स्वाभाविक हैं, लेकिन असल में ये फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है. नीति आयोग के पैरामीटर पर बेहद पिछड़े जिलों में शुमार किया जाने वाले इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित यह जिला महिला सशक्तिकरण का अब रोल मॉडल बन चुका है.

यहां गुजरे जमाने में सामाजिक बोझ समझी जाने वाली महिलाओं की क्या हैसियत है? इसे एक वीडियो से साफ देखा वा समझा जा सकता है, जिसमें बहराइच की डीएम मोनिका रानी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कविता वुजेटा, एसडीएम पूजा यादव वा सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर एक साथ कदमताल करते हुए कलेक्ट्रेट का निरीक्षण करती नजर आ रही हैं. वहीं अन्य सभी पुरुष प्रशासनिक अधिकारी समेत पूरा अमला उनके पीछे है. ये वीडियो बिना कुछ कहे प्रशासनिक अमले पर महिलाओं की मजबूत हो चली क्षमता का नायाब नमूना है.

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डीएम मोनिका रानी ने अपनी पहली प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए अब जमीन पर भी उतार दी है. बेहद तेज तर्रार डीएम मोनिका रानी का दूसरा वीडियो जन सुनवाई करने का है, जहां आम फरियादियों की समस्याओं को सुनने के लिए उन्होंने अपने अगल बगल महिला प्रशासनिक अधिकारियों को जगह दी है, जिसमें दाहिनी ओर जिले की सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर तो बाईं ओर एस डीएम पूजा यादव मौजूद हैं.

बहराइच के जनप्रतिनिधियों में महिलाओं की संख्या 60% तक पहुंची

गौरतलब है कि बहराइच जिले के जनप्रतिनिधियों में महिलाओं की संख्या भी 60 फीसदी तक पहुंच चुकी है. यहां सत्ता पक्ष ही नहीं विपक्ष भी महिलाओं को आगे रखने में पीछे नहीं है. जिले की प्रथम नागरिक के तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी बीजेपी की मंजू सिंह के पास है, तो अभी हाल ही में नगर पालिका अध्यक्ष पर भी बीजेपी की ही सुधा देवी टेकडीवाल का निर्वाचन हुआ है.

जानिए यह आंकड़ा

जिले में महिला विधायकों की बात करें तो एमएलसी समेत आठ विधायकों में चार पर महिला विधायक काबिज हैं, जिनमें बतौर एमएलसी जिले की सुप्रसिद्ध महिला चिकित्सक वा बीजेपी नेता डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, बहराइच सदर से बीजेपी विधायक वा पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जयसवाल के साथ जिले की एकमात्र रिजर्व सीट पर भी बीजेपी नेता सरोज सोनकर लगातार दूसरी बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुई हैं. इतना ही नहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी के दो विधायकों में एक विधायक महिला हैं. मुस्लिम बाहुल्य मटेरा विधानसभा से सपा की मारिया शाह चुनाव जीतकर विधानसभा में क्षेत्र का नेतृत्व कर रही हैं.

 

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